मिथिला का मखाना -Makhana क्यों है पूरी दुनिया में मशहूर ? जानिए पूरी जानकारी
मिथिला मखाना जिसे मिथिलांचल मे “मखान” भी कहा जाता है । इसको इंग्लिश में Fox Nuts (फॉक्स नट्स) या Lotus Seeds (लोटस सीड्स) भी कहते है ।
यह बिहार के उत्तरी क्षेत्र मिथिलांचल में बड़े पैमाने पर उगाया जाता है । यह दरभंगा , सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, सहरसा तथा मुंगेर आदि मिथिलांचल के बड़े क्षेत्र मे इसकी खेती की जाती है। इसका खेती और उत्पादन की प्रक्रिया बहुत पुराने समय से चलते आ रहा है।
भारत के लगभग 90 प्रतिशत मखाने का उत्पादन बिहार मे होता है इसमे मिथिला मखाना एक अहम रोल अदा करता है । मखाना में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा पाया जाता है साथ ही इसमे कैल्शियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस, कैलोरी और कई सारे विटामिन पाया जाता है। इसलिए इसको सुपरफ़ूड भी कहा जाता है, इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको मिथिला मखाना के खेती , इस्तेमाल और इसके लाभ एवं कुछ नुकसान के बारे मे बिस्तार से बताने वाले है ।
मखाना की खेती और उत्पादन प्रक्रिया
इसके खेती की प्रक्रिया मानसून के आगमन के साथ ही शुरू हो जाता है और लगभग सात से आठ महीनों तक चलती रहती है, यह काफी मेहनत का काम होता है । मखाना की खेती मे अत्यधिक पानी की आवश्यकता होती है इसलिए इसकी खेती बाढ़ वाले क्षेत्र मे ज्यादातर देखने को मिलता है , क्यूंकी मिथिला नेपाल से सटे होने के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है, इसलिए यहाँ इसकी खेती अत्यधिक होती है । इसमे उर्वरक तथा कीटनाशक का प्रयोग ना के बराबर किया जाता है और यह पूरी तरह से ऑर्गैनिक (Organic) तरीके से किया जाता है । इसलिए भी इसका स्वस्थ पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता है।

मखाना खाने के फायदे (Benifits of Mithila Makhana)
मिथिला मखाना खाने के 5 ऐसे फायदे है जो शायद ही आपको पता होगा आज हम उन्ही फायदे के बारे मे जानकारी देने है जिसे जानकार आपको बहुत हैरानी होगी।
मिथिला मखाना सेहत के लिए खास है खासकर उन लोगों के लिए जिन्हे कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर जैसे समस्या है । इसमे कई सारे पोषक तत्व पाए जाते है जिस से यह और भी कई सारे समस्याओ में फायदेमंद साबित होता है ।
1. हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है
इसमे सोडियम बहुत ही काम मात्रा मे पाया जाता है जिससे बी पी कंट्रोल रहता है । इसके अलावा मिथिला मखाना में मैग्नीशियम और पोटैशियम की मात्रा अधिक रहने से भी यह हाई ब्लड प्रेशर को काम करता है । हाई बी पी वाले लोगों के लिए इसका सेवन काफी फायदेमंद साबित होता है ।
2. कोलेस्ट्रोल को कम करता है
इसमे कलोरी काफी कम मात्रा मे पाया जाता है और साथ ही इसमे कई एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होने से कोलेस्ट्रोल की समस्या मे सहायता मिलती है ।
3. वजन कम करने में मददगार
इसमे फाइबर की भरपूर मात्रा होती है जिस से भूख काम लगती है , और इसमे प्रोटीन भी पाया जाता है । इसको खाने से अन्य कहना अत्यधिक खाने से बचाव होता है जिस से वजन कम करने मे मदद मिलती है । उच्च फाइबर हमारे पाचन सम्बधी विकारों को व दूर करने मे मदद करता है।
4. डायबिटीज कंट्रोल करता है
मिथिला माखना मे ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने की वजह से इसको खाने के बाद भी शुगर नहीं बढ़ता है। इसमे मैग्नीशियम भी पाया जाता है जिसके वजह से मांसपेशी और नसों का कार्य भी ठीक तरह से हो पता है ।
5. हड्डियां को मजबूत करती है
इसमे कैल्शियम की अधिक मात्रा पाया जाता है जो हमारे हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाता है ।

मिथिला मखाना खाने के नुकसान
इसको अधिक खाने से कई तरह के नूकसान भी हो सकते है । जैसे कब्ज , गैस , सूजन और पाचन सम्बधी कई तरह के समस्याओ से जूझना पड़ सकता है। इसलिए अपने सेहत का ध्यान रखते हुए इसको सीमित मात्रा मे ही प्रयोग करना लाभदयक सिद्ध होगा । और अगर आपको इन 4 समस्या है तो आपको मखाना खाने से सेहत को नुकसान हो सकता है :
- किडनी स्टोन, किडनी फेलियर और किडनी इंफेक्शन की समस्या में मखाने का सेवन न करने की सलाह दी जाती है। क्यूंकी इसमे पोटैशियम की अधिक मात्रा पाए जाने से यह नुकसानदेह हो सकता है ।
- पेट में गैस की समस्या से जुड़ी स्थितियों में भी मखाने का सेवन नहीं करना चाहिए।
- मखाना फाइबर का समृद्ध भंडार होता है और दस्त या डायरिया में मखाने का सेवन फायदेमंद नहीं होता है इसके उलट यह कब्ज मे रामबाण साबित होता है।
मिथिला मखाना का खाने मे इस्तेमाल
- मखाना का लड्डू: यह मखाना , गुड़ , मेवा और घी से बनाया जाता है ।
- मखाना का खीर: यह मखाना , दूध चीनी आदि से बनाई जाती है और अच्छा नाश्ते के रूप मे सिद्ध होता है।
- मखाना का सूप: यह मखाना,सब्जियां, मसाले और पानी आदि से बनाया जाता है ।
- मखाना का दाल: यह दाल मखाना, दाल, हल्दी, जीरा और अन्य मसालों से बनाया जाता है ।
- मखाना सूप: यह सूप मखाना, सब्जियां, मसाले और पानी से बनाया जाता है।
- मखाना चटनी: यह चटनी मखाना, नारियल, धनिया, लाल मिर्च और अन्य मसालों से बनाई जाती है , यह बहुत ही स्वादिष्ट और तीखा (Spicy) होता है।
- मखाना का नाश्ता (snacks) : इसे नमक या चीनी के साथ भून कर नाश्ता के रूप में भी खाया जाता है।
मिथिला मखाना जीआई टैग ( GI Tag Of Makhana )
विश्व का लगभग 85 से 90 फीसदी मखाना का उत्पादन भारत मे किया जाता है, और भारत का लगभग 90 प्रतिशत तक मखाना का उत्पादन बिहार के मिथिला क्षेत्र मे होता है। ये भी एक कारण है जिसके वजह से इसे मिथिला मखाना कहा जाता है। मिथिलांचल मखाना उत्पादन संघ के पहल से मिथिला मखाना को जी-आई टैग मिलने का राह आसान हुआ । और काफी प्रयासों के बाद भारत सरकार द्वारा दिसम्बर 2021 मे जी आई टैग प्रदान किया गया और इसका नाम बिहार मखाना से बदलकर मिथिला मखाना करने की याचिका को स्वीकार कर लिया गया ।
मखाना का सांस्कृतिक महत्व
यू तो कहा जाता है की मिथिला तीन चीजों के लिए जानी जाती है जिसमे से एक मखाना है तथा अन्य दो मछली और पान है । मिथिला में नए-नए शादी के बाद कोजगरा नामक पूजा विधि में मखान की वितरण किया जाता है, यह आमतौर पर नए दूल्हे के यहां ऑक्टोबर, नवम्बर माह मे किया जाता है। कोजगरा मे दुल्हन पक्ष के यहाँ से भार के रूप मे पान, मखान , मिठाई एवं अन्य सामग्री दिया जाता है जो कोजगरा के रात मे पूरे ग्रामीण मे बितरण किया जाता है। और साथ बहुत सारे उत्सव एवं अन्य पूजा विधि मे इसका उपयोग किया जाता रहा है, इस तरह आप देख सकते है की मिथिला मखाना एक खास सांस्कृतिक महत्व रखता है, मिथिलांचल मे।
मिथिला मखाना की खेती कहाँ होती है?
मखाना की खेती बिहार के उत्तरी क्षेत्र मिथिलांचल में बड़े पैमाने पर किया जाता है। यह दरभंगा , सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, सहरसा तथा मुंगेर आदि मिथिलांचल के बड़े क्षेत्र मे उगाया जाता है।
मखाना को जीआई टैग कब मिला?
भारत सरकार द्वारा दिसम्बर 2021 मे मखाना को जीआई टैग(GI Tag) प्रदान किया गया और इसका नाम बिहार मखाना से बदलकर मिथिला मखाना करने की याचिका को स्वीकार कर लिया गया।
क्या मखाना एक्सपायर होता है?
मखाना को अगर सावधानी पूर्वक रखे तो यह जल्दी एक्सपायर नहीं होगा । इसको ठंडी और सूखी जगह में एक एयरटाइट कंटेनर में रखने से इसे लगभग 12 महीनों तक रखा जा सकता है।
मखाना में दूध डालकर खाने से क्या फायदा होता है?
मखाना में दूध डालकर खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं, पाचन में सुधार होता है और ऊर्जा मिलती है। यह मिश्रण प्रोटीन, कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है।
1 किलो मखाने की कीमत कितनी होती है?
मखाने की कीमत आम तौर पर उसके किस्म और आकार पर निर्भर करता है फिर भी मार्केट मे ये आपको ₹600 से लेकर ₹1,800 किलो तक देखने को मिलता है ।
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