भूमिपूजन मुहूर्त 2026
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मिथिला पंचांग के अनुसार भूमिपूजन-Bhumipujan अथवा गृह आरम्भ के मुहूर्त 2026 में

मिथिला पंचांग के अनुसार भूमिपूजन – Bhumipujan अथवा गृह आरम्भ के शुभ मुहूर्त  2026 मे कब है और इसको क्यूं किया जाता है इसके बारे मे आपको इस पोस्ट के सहायता से सारी जानकारी मिलेगी ।

जब भी हम नए जमीन (प्लॉट) लेते है तो उसमे निर्माण कार्य करने से पहले वहाँ पूजा करना चाहिए। जिससे वहाँ निवास एवं व्यपार मे सुख शांति और तरक्की हो सके यही कामना के साथ लोग भूमिपूजन करते है।

भूमिपूजन मुहूर्त 2026 में कब है
भूमिपूजन मुहूर्त 2026

भूमि पूजन क्या है?

भूमिपूजन घर की नींव रखने से पहले एक अनुष्ठान है जो घर के शुरुवात करने से पहले देवीय आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किया जाता है इसमे धरती माँ एवं अpन्य देवी देवता का पूजा किया जाता है। इसके कई सारे लाभ प्राप्त होते है । 

 भूमि पूजन bhumipujan की विधि

  • आमतौर पर सब जगह यह अनुष्ठान एक ही तरह से होता है , लेकिन हम आपको मिथिला मे भूमिपूजन कैसे करते है उसकी विधि बता रहे है ।
  • सबसे पहले स्नान करके आपको शुद्ध कपड़े पहनना चाहिए।
  • जमीन के उत्तर दिशा मे एक शुद्ध स्थान पर पूजा के लिए बैठना चाहिए।
  • पूजा करते टाइम पूरब की ओर मुख करके बैठे एवं पंडितजी को उत्तर के तरफ मुख करके बैठना चाहिए ।
  • भूमिपूजन की शुरुआत गणेशजी के पूजा से होती है ।
  • पूजा-हवनआदि करने के बाद त्रिभुज के आकार में एक गड्ढा खोद कर उसमे घर बनाने की नींव रखा जाता है।
  • त्रिभुज आकार वाले गड्डे मे चांदी का नाग, कछुआ और छिपकली आदि रखा जाता है।

मिथिला पंचांग के अनुसार जनवरी 2026 से लेकर दिसम्बर2026 तक  भूमिपूजन अथवा गृह आरम्भ दिन का लिस्ट

मिथिला पंचांग अनुसार भूमि पूजन मुहूर्त (2026)

महीना (2026)शुभ दिनांकदिन (वार)
जनवरी 202629 जनवरीगुरुवार
फरवरी 202627 फरवरीशुक्रवार
28 फरवरीशनिवार
मार्च 20264 मार्चबुधवार
5 मार्चगुरुवार
6 मार्चशुक्रवार
मई 20261 मईशुक्रवार
4 मईसोमवार
6 मईबुधवार
जून 202625 जूनगुरुवार
29 जूनसोमवार
जुलाई 20261 जुलाईबुधवार
2 जुलाईगुरुवार
3 जुलाईशुक्रवार
4 जुलाईशनिवार
सितंबर 202612 सितंबरशनिवार
14 सितंबरसोमवार
नवंबर 202626 नवंबरगुरुवार
दिसंबर 20262 दिसंबरबुधवार
3 दिसंबरगुरुवार
4 दिसंबरशुक्रवार
11 दिसंबरशुक्रवार
12 दिसंबरशनिवार
18 दिसंबरशुक्रवार
19 दिसंबरशनिवार

भूमिपूजन के लिए आवश्यक सामग्री

नारियल, सुपारी, तेल या घी, दीप, पानी, कुमकुम, चावल,हल्दी पाउडर,फूल, फल, प्रसाद,कपूर, अगरबत्ती,पंचधातु इत्यादि समान की जरूरत भूमिपूजन मे आपको पड़ेगा।

घर बनवाने वाले लोगों को भूमिपूजन से जुड़े कुछ शंका होता है, आइए हम सबसे आम सवाल जो होते है उसका जवाब देते है

भूमिपूजन के लिए कौन सा महीना सबसे शुभ होता है?

हिंदी कैलेंडर या मिथिला पंचांग के अनुसार वैशाख, श्रावण (सावन), मार्गशीर्ष (अगहन), और फाल्गुन के महीने घर का निर्माण शुरू करने के लिए सबसे उत्तम माने जाते हैं। खरमास (मलमास) में इसे कभी भी इसकी शुरुवात नहीं करनी चाहिए।

अगर प्लॉट टेढ़ा-मेढ़ा हो, तो पूजा कहाँ करें?

जमीन का आकार सही नहीं है, तो सबसे पहले बाउंड्री वॉल बनाकर उसे चौकोर हिसाब से । प्लॉट के ईशान कोण के तरफ पूजा करें।

भूमिपूजन में चांदी का नाग-नागिन क्यों रखते हैं?

मान्यताओ के अनुसार, पृथ्वी भगवान शेषनाग धारण करते है। चांदी का नाग-नागिन रखने का मतलब है शेषनाग से आशीर्वाद लेना की घर की नींव को हमेशा मजबूत रखें और आपदाओं से बचाएं।

भूमिपूजन के लिए आवश्यक सामग्री क्या क्या होती है?

नारियल, सुपारी, तेल या घी, दीप, पानी, कुमकुम, चावल,हल्दी पाउडर,फूल, फल, प्रसाद,कपूर, अगरबत्ती,पंचधातु इत्यादि समान की जरूरत भूमिपूजन मे आपको पड़ेगा।

नींव में सर्प का मुंह किधर होना चाहिए?

वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार नींव में सर्प का मुख निर्माण कार्य शुरू करने वाले मास के आधार पर तय होता है।
जैसे – ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण में उत्तर दिशा की ओर
भाद्रपद – भादों , आश्विन, कार्तिक मे पूर्व दिशा की ओर
मार्गशीर्ष, पौष, माघ में दक्षिण दिशा की ओर
फाल्गुन, चैत्र, वैशाख में पश्चिम दिशा की ओर

पूजा करते वक्त अपना मुंह किधर होना चाहिए?

पूजा करते टाइम अपना मुंह पूरब की ओर मुख करके बैठे एवं पंडितजी को उत्तर के तरफ मुख करके बैठना चाहिए ।

अंत में, अगर मैं इस पूरी बात को एक निष्कर्ष की तरह कहु तो भूमिपूजन Bhumipujan आपके सपनों के घर की पहली ईंट और पहली प्रार्थना की शुरुवात भर है।

नीचे कमेंट बॉक्स में अपने अनुभव जरूर शेयर करें! और हाँ, अगर आपको यह हेल्पफुल लगा हो, तो इसे अपने फैमिली ग्रुप और उन दोस्तों के साथ शेयर करना बिल्कुल न भूलें जो अपना नया घर बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं।

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