मिथिला पंचांग के अनुसार मुंडन – Mundan के मुहूर्त 2026-2027 में
आपको मिथिला पंचांग के अनुसार मुंडन- Mundan के मुहूर्त 2026 – 2027 में कब है इसके बारे मे जानकारी प्राप्त होने वाली है। मैथिली पञ्चाङ्ग का उपयोग मिथिलांचल के क्षेत्र मे अत्यधिक किया जाता है यह एक वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित और सटीक पंचांग है। मिथिला पंचांग का अन्य नाम मैथिली पंचांग/मैथिली पत्रा भी है।
हिन्दू धर्म के 16 निर्धारित संस्कारों मे से एक है मुंडन संस्कार। सनातन धर्म मे उलेखित 8 वा संस्कार मुंडन होता है।संस्कृत और प्राचीन ग्रंथों में इसे ‘चूड़ाकरण संस्कार’ भी कहा जाता है।

मुंडन Mundan क्या होता है
आसान शब्दों में कहें तो, यह बच्चे के जन्म के बाद उसके बालों को पहली बार पूरी तरह से काटा जाता है उसे ही मुंडन कहते हैं । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब बच्चा जन्म लेता है, तो उसके सिर पर जो बाल होते हैं, वे उसके पिछले जन्म के कर्मों का प्रतीक माने जाते हैं। मुंडन के जरिए हम उन पुराने बंधनों को काटकर, बच्चे को एक नई शुरुआत देते हैं।
मिथिला पंचांग अनुसार मुंडन मुहूर्त (2026)
| महीना (2026) | शुभ दिनांक | दिन एवं विवरण |
|---|---|---|
| अप्रैल 2026 | 23 अप्रैल | गुरुवार (वैशाख शुक्ल सप्तमी, प्रातः 6:44 से 10:54 तक – पुनर्वसु नक्षत्र) |
| मई 2026 | 4 मई | सोमवार (ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया, प्रातः 8:01 से 10:15 तक – ज्येष्ठा नक्षत्र) |
| जून 2026 | 17 जून | बुधवार (ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया, सूर्योदय से प्रातः 7:18 तक – पुनर्वसु नक्षत्र) |
| 24 जून | बुधवार (ज्येष्ठ शुक्ल दशमी, सूर्योदय से 6:49 तक एवं पूर्वाह्न 11:22 से दोपहर 1:34 तक – चित्रा नक्षत्र) | |
| जुलाई 2026 | 9 जुलाई | गुरुवार (आषाढ़ कृष्ण नवमी, सूर्योदय से प्रातः 5:39 तक – अश्विनी नक्षत्र) |
| नवंबर 2026 | 26 नवंबर | गुरुवार |
| दिसंबर 2026 | 14 दिसंबर | सोमवार |
मिथिला पंचांग अनुसार मुंडन मुहूर्त (2027)
| महीना (2027) | शुभ दिनांक | दिन (वार) |
|---|---|---|
| जनवरी 2027 | 20 जनवरी | बुधवार |
| 27 जनवरी | बुधवार | |
| फरवरी 2027 | 8 फरवरी | सोमवार |
| 11 फरवरी | गुरुवार | |
| 18 फरवरी | गुरुवार | |
| 19 फरवरी | शुक्रवार | |
| 22 फरवरी | सोमवार | |
| 25 फरवरी | गुरुवार | |
| मार्च 2027 | 10 मार्च | बुधवार |
| 11 मार्च | गुरुवार | |
| मई 2027 | 12 मई | बुधवार |
| 17 मई | सोमवार | |
| 21 मई | शुक्रवार | |
| जून 2027 | 7 जून | सोमवार |
| 14 जून | सोमवार | |
| 21 जून | सोमवार | |
| 23 जून | बुधवार | |
| 24 जून | गुरुवार | |
| जुलाई 2027 | 5 जुलाई | सोमवार |
| 12 जुलाई | सोमवार |
मुंडन की पूरी विधि
अगर आप अपने बच्चे के मुंडन की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपको इसका सही सही विधि पता होना चाहिए। चलिए इसे हम कुछ आसान से पॉइंट मे समझते हैं:
सही मुहूर्त चुनना
मुंडन कभी भी किसी दिन पर नहीं कर दिया जाता है। सबसे पहले किसी अच्छे पंडितजी से मिलकर शुभ मुहूर्त निकलवाएं। अक्सर लड़कों का मुंडन विषम वर्षों (Odd years – 1, 3, 5, 7) में किया जाता है।
कुलदेवी/कुलदेवता का पूजन
मुंडन वाले दिन की शुरुआत भगवान की पूजा से होती है। परिवार के बड़े बुजुर्ग कुलदेवी या कुलदेवता को परणाम करके इस कार्य को शुरू करने को बोलेते है ।
पहला कट और नाई का सम्मान
बच्चे को माता या पिता की गोद में बैठाया जाता है। फिर हजाम पाँच बार बाल काटते है । यह एक विधि के रूप मे होता है इसके बाद पूरे बाल को काटा जाता है ।
हल्दी और चंदन का लेप
बाल कटने के बाद, बच्चे के सिर पर हल्दी, चंदन और गुलाब जल का लेप लगाया जाता है। यह एक विध के रूप मे होता है लेकिन अगर बाल काटते समय सिर पर कोई मामूली खरोंच भी आई हो, तो यह लेप उसे तुरंत ठीक कर देता है और सिर को ठंडक पहुंचाता है।
पवित्र स्नान और नए कपड़े पहनना
लेप लगाने के कुछ देर बाद, बच्चे को पानी से नहलाया जाता है। इसके बाद उसे नए और शुभ रंग (जैसे पीला या लाल) के कपड़े पहनाए जाते हैं। फिर बड़े बुजुर्ग से आशीर्वाद दिलाया जाता है उसके बाद कुलदेवी या कुलदेवता का आसिरवाद लेते है ।
बालों का विसर्जन
यह एक बहुत जरूरी नियम है। बच्चे के काटे गए बालों को ऐसे ही कहीं नहीं फेंका जाता। इन्हें एक लाल कपड़े या पुरैनी के पात लपेटकर किसी बांस के जड़ मे डाला जाता है ।
बच्चों का पहला मुंडन कब करना चाहिए?
अक्सर लड़कों का मुंडन विषम वर्षों (Odd years – 1, 3, 5, 7) में किया जाता है।
बच्चों का मुंडन संस्कार कैसे किया जाता है?
यह बच्चे के जन्म के बाद उसके बालों को पहली बार पूरी तरह से काटा जाता है उसे ही मुंडन कहते हैं । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब बच्चा जन्म लेता है, तो उसके सिर पर जो बाल होते हैं, वे उसके पिछले जन्म के कर्मों का प्रतीक माने जाते हैं।
क्या लड़कियों का मुंडन कराना जरूरी है?
हिंदू धर्म के अनुसार, मुंडन लड़के और लड़कियों दोनों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है। फायदे दोनों के लिए बराबर हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
अंत में, अगर मैं इस पूरी बात को समेटूं, तो मुंडन सिर्फ बाल काटने की एक प्रक्रिया नहीं है । यह आपके बच्चे के मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक विकास की एक शानदार शुरुआत है। यह उसे उसके अतीत से मुक्त करके, एक स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की ओर पहला कदम रखने में मदद करता है।
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